बैंकिंग प्रणाली संरचना और उपदान संहिता अपडेट
मुख्य परीक्षा विषय एवं अवधारणाएँ
सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020: पुराने श्रम कानूनों को समाहित करने वाला विधायी ढांचा।
सांविधिक उपदान पात्रता: 1 वर्ष की निरंतर सेवा की घटाई गई सीमा।
धारा 10(10): ₹20 लाख तक कर-मुक्त उपदान की सीमा।
मुख्य घटना
श्रम और रोजगार मंत्रालय ने सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के प्रावधान लागू किए। निश्चित अवधि के कर्मचारियों के लिए उपदान सीमा घटाकर 1 वर्ष की गई।
दैनिक जीवन का उदाहरण
एक कॉरपोरेट बैंक को कार्गो जहाज मानिए। पहले केवल स्थायी नाविकों को खजाने का हिस्सा मिलता था। अब एक साल की यात्रा पर भी अनुपातिक लाभ मिलता है।
3-स्तरीय पदानुक्रमित खाका
टियर 1: नेतृत्व और रणनीति
संसद, मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक नियम बनाते हैं। बैंक और वित्तीय संस्थान वित्तीय रणनीति तय करते हैं।
टियर 2: संचरण पाइपलाइन
मानव संसाधन विभाग सांविधिक दरों पर उपदान की गणना करता है। बारहवें महीने से देयता उपचयन शुरू होता है।
टियर 3: जमीनी स्तर पर प्रभाव
बैंकिंग पेशेवर और विश्लेषक वित्तीय सुरक्षा प्राप्त करते हैं। संविधान के अनुच्छेद 41 और 43 के तहत प्रतिबद्धताएं पूरी होती हैं।
| पैरामीटर | विवरण विनिर्देश |
|---|---|
| नोडल प्राधिकारी | श्रम और रोजगार मंत्रालय / भारतीय रिजर्व बैंक |
| मीट्रिक | पूर्ण वर्ष प्रति 15 दिन का वेतन; अधिकतम ₹20 लाख |
| लक्ष्य | 1 वर्ष की सेवा पूरी करने वाला निश्चित अवधि का कार्यबल |